Connect with us

अब जनमानस को क्लेक्ट्रेट परिसर में स्थापित कियोस्क से मिलेगी निःशुल्क एवं पुख्ता जानकारी

उत्तराखंड

अब जनमानस को क्लेक्ट्रेट परिसर में स्थापित कियोस्क से मिलेगी निःशुल्क एवं पुख्ता जानकारी

देहरादून: मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जनपद में एक के बाद एक अभिनव कार्यों को गति मिल रही है। जिलाधिकारी सविन बंसल के अभिनव प्रयासों से भूमि फर्जीवाड़ा रोकने और आम जनमानस को भूमि क्रय-विक्रय में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए राज्य का प्रथम डेडिकेटेड ई-कम्प्यूटर कियोस्क की शुरूआत हो गई है। बुधवार को जिलाधिकारी ने क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री आफिस के समीप बने राज्य के प्रथम डेडिकेटेड ई-कियोस्क ‘‘सचेतक’’ का उद्घाटन करते हुए जनता के लिए समर्पित किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार, बहुउद्देशीय शिविर एवं अन्य माध्यमों से भूमि धोखाधड़ी के अधिकांश शिकायतें और मामले सामने आ रहे थे। इसका मुख्य कारण भूमि खरीदने वाले लोगों को भूमि के संबंध में पहले से जानकारी नहीं रहती है कि उस भूमि का असली मालिक कौन है। परिसंपत्तियों के रिकॉर्ड के लिए राज्य में एक पोर्टल बना है। जिसमें भूमि संबंधी पूरी जानकारी रहती है।

यह भी पढ़ें 👉  सीमांत गांव जादूंग अब वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पर्यटन की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर...

आम लोगों को ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल में एक्सिस करने के लिए साधन, सुविधा की कमी रहती है। हमारा उद्देश्य आज जनमानस तक सुलभ तरीके से इस सुविधा को पहुंचाना था।

इसके लिए रजिस्ट्रार एवं स्टॉप रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा की गई और इसके लिए एक डेडिकेटेड कियोस्क तैयार किया गया है। भूमि रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस जाने से पहले भूमि खरीदने वाले वार्यस निःशुल्क इस कियोस्क में भूमि की पुष्टि कर सकते है।

यह भी पढ़ें 👉  सीमांत गांव जादूंग अब वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पर्यटन की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर...

जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि धोखाधडी संबंधी समस्याओं पर इससे अंकुश लगेगा और यह पोटर्ल वार्यस को सशक्त और सुदृढ़ करने में सहायक साबित होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस ई-कियोस्क का नाम सचेतक रखा गया है और ‘सचेतक’ ई-कियोस्क के नाम से आज इसे जनहित में लांच किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के भी निर्देश है कि आम जनता के लिए जो भी सुविधाएं है, उनको सुगम बनाया जाए। इसी दिशा में सचेतक ई-कियोस्क को जनहित में लांच किया गया है। ताकि संपत्ति क्रय करने वाले आम जन मानस को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  सीमांत गांव जादूंग अब वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पर्यटन की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर...

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व बढाना ही नहीं, बल्कि जनमानस को धोखाधड़ी से बचाना भी विभाग की जिम्मेदारी है। जनमानस को जागरूक करने हेतु कलेक्टेªट में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता स्लोगन वाले फ्लैक्सी भी लगाए गए है। जिससे जनमानस भूमि क्रय विक्रय करने से पूर्व जानकारी प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर सब रजिस्ट्रार प्रीती मंजली, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा सहित स्टाम्प एवं सब रजिस्ट्रार अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
To Top