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धर्मांतरण कानून सख्त, 10 साल की सजा के साथ जानें क्या होंगे नए नियम…

उत्तराखंड

धर्मांतरण कानून सख्त, 10 साल की सजा के साथ जानें क्या होंगे नए नियम…

Uttarakhand News: उत्तराखंड में अब धर्मांतरण कानून सख्त होने जा रहा है। राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में जबरन धर्मांतरण पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण कानून में सख्त संशोधन किए गए हैं जिसके तहत अब नए कानून में जबरन धर्मांतरण कराने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। जिससे माना जा रहा है कि धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों पर रोक लगेगी।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड सरकार की बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्ताव लाए गए। जिसके तहत अब उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून उत्तर प्रदेश से भी ज्यादा सख्त कर दिया गया है। प्रदेश में जबरन धर्मांतरण को संज्ञेय अपराध में शामिल किया गया है। जिसके तहत अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड में दो या दो से अधिक लोगों के धर्म परिवर्तन को सामूहिक धर्म परिवर्तन समझा जाएगा और यह भी इस कानून के तहत आयेगा जिसे संगीन अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

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गौरतलब है कि उत्तराखंड के धर्मांतरण विधेयक में अब तक 1 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। इसे बढ़ाकर 2 से 7 साल तक कर दिया गया है। सामूहिक धर्म परिवर्तन की स्थिति में इस सजा को बढ़ाकर 10 साल तक किया जा सकता है। वहीं सामूहिक धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध की श्रेणी में माना गया है। धर्म परिवर्तन के मामले में 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।

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वहीं सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में यह आर्थिक दंड 50 हजार तक लगाया जा सकता है। धर्म परिवर्तन करने की स्थिति में पहले 7 दिन पूर्व जिला मजिस्ट्रेट की उद्घोषणा अनिवार्य थी तो वहीं अब इसे कम से कम 1 माह पूर्व कर दिया गया है।

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