Connect with us

पहलवान खिलाड़ी गंगा में प्रवाहित करेंगे मेडल,भावुक पोस्ट लिख बोले- ये मेडल क्यों जीते थे?

उत्तराखंड

पहलवान खिलाड़ी गंगा में प्रवाहित करेंगे मेडल,भावुक पोस्ट लिख बोले- ये मेडल क्यों जीते थे?

खिलाड़ियों के उत्पीड़न के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर आ रही है। आज पहलवान खिलाड़ी हरिद्वार में गंगा में मेडल प्रवाहित करेंगे। इसके लिए वह दिल्ली से रवाना हो गए है। बताया जा रहा है कि इसके बाद लौट कर सभी खिलाड़ी इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसकी जानकारी रेसलर विनेश फोगाट ने इस बारे में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर जानकारी दी है।

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरना देने वाले पहलवान मंगलवार शाम 6 बजे हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करेंगे। ये पहलवान रेसलिंग फेडरेशन (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी के लिए जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार को पुलिस से हुई झड़प के बाद ये जंतर-मंतर से लौट आए हैं।

रेसलर विनेश फोगाट ने लिखा है कि आज मंगलवार (30 मई) शाम छह बजे खिलाड़ी अपना मेडल हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित कर देंगे। फोगाट ने लिखा, हमें वो पल याद आ रहे हैं, जब हमने ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीते थे। अब लग रहा है कि ये मेडल क्यों जीते थे। उन्होंने आगे लिखा, ये मेडल हमें नहीं चाहिए। हम इन मेडल को गंगा में बहाने जा रहे हैं  उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बार भी पहलवानों की सुध नहीं। हम महिला पहलवान ऐसा महसूस कर रही हैं जैसे इस देश में हमारा कुछ बचा ही नहीं है।

यह भी पढ़ें 👉  हीट वेव अलर्ट देहरादून में प्रशासन अलर्ट, DEOC 24×7 सक्रिय…

रेसलर साक्षी मलिक ने भी किया ये पोस्ट

वहीं रेसलर साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मेडल्स गंगा में प्रवाहित करने के बाद इंडिया गेट पर आमरण अनशन करेंगे। साक्षी ने लिखा- हमने पवित्रता से इन मेडल को हासिल किया था। इन मेडल को पहनाकर तेज सफेदी वाला तंत्र सिर्फ अपना प्रचार करता है। फिर हमारा शोषण करता है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को नहीं लौटाएंगे, क्योंकि उन्होंने हमारी कोई सुध नहीं ली।

आमरण अनशन का ऐलान

फोगाट ने मेडल प्रवाहित करने के बाद आमरण अनशन का ऐलान किया है। उन्होंने लिखा, इन मेडल के गंगा में बह जाने के बाद हमारे जीने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इसलिए हम इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि, इंडिया गेट हमारे उन शहीदों की जगह है जिन्होंने देश के लिए अपनी देह त्याग दी। हम उनके जितने पवित्र तो नहीं हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते वक्त हमारी भावना भी उन सैनिकों जैसी ही थी।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में खटीमा में निकली भव्य ‘प्रगति पथ यात्रा’, हजारों लोगों ने किया उत्साहपूर्ण सहभाग

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

रविवार (28 मई) को दिल्ली पुलिस ने पहलवानों को मार्च निकालने पर हिरासत में ले लिया था. साथ ही जंतर मंतर से पहलवानों के धरने की जगह को भी खाली करा दिया था कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विनेश फोगाट ने पत्र में कहा, पुलिस ने हमें कितनी बर्बरता से गिरफ्तार किया. हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे. हमारे आंदोलन की जगह भी छीन ली और अगले दिन गंभीर मामलों में हमारे ऊपर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई. क्या महिला पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर कोई अपराध कर दिया है?

यह भी पढ़ें 👉  9 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को 5-5 लाख सहायता, 3 वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन की संस्तुति

राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को क्यों नहीं ?

पत्र में पहलवानों ने इस मेडल को राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को न सौंपकर गंगा में ही बहाने की वजह भी बताई है. इसमें लिखा, हमारे सामने सवाल आया कि मेडल किए लौटाएंगे. हमारी राष्ट्रपति को जो खुद एक महिला हैं। मन ने ना कहा, क्योंकि वह हमें सिर्फ 2 किलोमीटर दूर बैठी सिर्फ देखती रहीं, लेकिन कुछ भी नहीं बोलीं।

पीएम मोदी को मेडल न लौटाने की वजह बताते हुए लिखा गया कि प्रधानमंत्री हमें अपने घर की बेटियां बताते थे। उन्होंने एक बार भी अपने घर की बेटियों की सुध नहीं ली। बल्कि नई संसद के उद्घाटन में हमारा शोषण करने वाले (बृजभूषण शरण सिंह) को ही बुलाया. वह तेज सफेदी वाले चमकदार कपड़ों में फोटो खिंचवा रहा था। उसकी सफेदी हमें चुभ रही थी। मानो कह रही हो मैं ही तंत्र हूं।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top