Connect with us

काम की खबरः इन राशनकार्ड धारकों को अब नहीं मिलेगा गेंहू, बदली गई ये व्यवस्था

उत्तराखंड

काम की खबरः इन राशनकार्ड धारकों को अब नहीं मिलेगा गेंहू, बदली गई ये व्यवस्था

देहरादूनः उत्तराखंड में राशनकार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। राज्य सरकार जहां अपात्र फ्री राशन लेने वालों पर नकेल कस रही है। तो वहीं अब पीले राशन कार्डधारको के लिए भी आदेश जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि राज्य में पीले राशन कार्डधारकों को जून 2022 से मार्च 2023 तक गेहूं की जगह चावल का वितरण किया जाएगा। भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अपर सचिव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं फ्री राशन में भी गेंहू की कटौती की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापना पर मंथन, स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगी सरकार: मुख्यमंत्री धामी…

मीडिया रिपोर्टस की माने तो गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार में कमी दर्ज की गई है। काफी गेंहू निर्यात किया जा चुका है। ऐसे में अब गेहूं का उत्पादन कम होने के कारण भारत सरकार ने पीले राशन कार्डधारकों के कोटे में गेहूं की कटौती कर दी है। भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अपर सचिव अरुण कुमार ने इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में कहा कि पीले राशन कार्डधारकों को अब गेहूं की जगह चावल का वितरण किया जाएगा। यह आदेश जून 2022 से लेकर मार्च 2023 तक लागू रहेगा।  वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत बंटने वाले राशन में भी गेहूं एक किलो कम मिलेगा। केंद्र ने इस योजना के तहत भी यूपी का गेहूं का कोटा कम कर दिया है। इसमें अब तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल की जगह तीन किलो चावल व दो किलो गेहूं दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि राज्य में पीले राशन कार्डधारकों को अब तक पांच किलो गेहूं और ढाई किलो चावल मिलता था। अब राज्य के पीले राशनकार्ड धारकों को साढ़े सात किलो चावल मिलेगा। साथ ही केंद्र सरकार राज्य के पीले राशन कार्डधारकों के लिए प्रतिमाह 5669 मीट्रिक टन गेहूं और 2792 मीट्रिक टन चावल का आवंटन करती थी। जून से मार्च 2023 तक पीले राशन कार्डधारकों को 8461 मीट्रिक टन चावल का आवंटन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर स्थित एनडीआरएफ बटालियन का किया दौरा, आपदा प्रबंधन तैयारियों का लिया जायजा

काम की खबरः इन राशनकार्ड धारकों को अब नहीं मिलेगा गेंहू, बदली गई ये व्यवस्था

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top