Connect with us

नवरात्र: पांचवा चैत्र नवरात्रि, स्कंदमाता करेगी सुख और शांति में वृद्धि,,

उत्तराखंड

नवरात्र: पांचवा चैत्र नवरात्रि, स्कंदमाता करेगी सुख और शांति में वृद्धि,,

आज चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन है। इस दिन स्कंदमाता की पूजा विशेष रूप से जाती है। स्कंद माता को भगवान कार्तिकेय की माता माना गया है। देवी मां दाएं हाथ के नीचे वाले हाथ में भगवान स्कन्द यानी कार्तिकेय को गोद लिए हुए दिखाई देती हैं। इनके हाथों में कमल का फूल और वरदान देने वाली मुद्रा है। स्कंद माता भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करने वाली मानी गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  नंदा देवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत, तैयारियां तेज : सतपाल महाराज

पुराने समय में जब देवताओं और असुरों का युद्ध हुआ था, उस समय कार्तिकेय स्वामी को देवताओं का सेनापति बनाया गया था। शिव जी और पार्वती जी के पुत्र कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है। स्कंदमाता के चारों ओर सूर्य जैसा तेज दिखाई देता है। स्कंदमाता की उपासना से भगवान स्कंद के बाल स्वरूप की पूजा होती है। देवी का वाहन सिंह है।

यह भी पढ़ें 👉  15वें वित्त आयोग से चम्पावत को ₹11.50 करोड़ की सौगात, पंचायतों के विकास को मिलेगी नई गति…

स्कंदमाता की पूजा से मिलते हैं ये लाभ

स्कंदमाता की पूजा से भक्त का मन एकाग्र होता है। इनकी पूजा से शांति और सुख मिलती है। ज्ञान में बढ़ोतरी होती है। सभी तरह की बीमारियों और कमजोरियों का अंत होता है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्य सचिव ने राज्य में तकनीकी शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयास करने के दिए निर्देश…
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top