Connect with us

धर्म: शुक्ल पक्ष की इस एकादशी का जाने महत्व और लाभ…

उत्तराखंड

धर्म: शुक्ल पक्ष की इस एकादशी का जाने महत्व और लाभ…

आज रविवार, 10 जुलाई को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, इसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस तिथि का महत्व काफी अधिक है, क्योंकि इस दिन से कार्तिक मास में आने वाली देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु विश्राम करते हैं। रविवार और देवशयनी एकादशी के योग में विष्णु जी, शिव जी के साथ ही सूर्य देव और तुलसी की भी विशेष पूजा करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  लंबित राजस्व वादों पर डीएम सख्त, एक साल पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के आदेश…

रविवार को एकादशी होने से इस दिन सूर्य पूजा करने का महत्व और अधिक बढ़ गया है। ज्योतिष में सूर्य को रविवार का स्वामी ग्रह माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य से संबंधित दोष होते हैं, उन्हें रविवार को सूर्य पूजा करने की सलाह दी जाती है।

देवशयनी एकादशी पर कर सकते हैं ये शुभ काम

यह भी पढ़ें 👉  “ जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” : मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सुशासन की ठोस और ऐतिहासिक उपलब्धि

एकादशी पर सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल भरें, उसमें चावल, लाल फूल डालें, इसके बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। इस दौरान सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जप करना चाहिए।

इस दिन भगवान विष्णु के साथ महालक्ष्मी का अभिषेक करना चाहिए। इसके लिए केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें। इसके बाद फूल मिश्रित सुगंधित जल से अभिषेक करें। भगवान को वस्त्र अर्पित करें। फूलों से और अन्य पूजन सामग्री से श्रृंगार करें। धूप-दीप जलाएं। तुलसी के साथ मिठाई का भोग लगाएं। आरती करें। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम: का जप करें। पूजा के अंत में भगवान से क्षमा याचना करें। पूजा के बाद प्रसाद बांटें और खुद भी ग्रहण करें।

यह भी पढ़ें 👉  “ जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” : मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सुशासन की ठोस और ऐतिहासिक उपलब्धि
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top