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गौरीकुंड में भारी भूस्खलन, चार शव बरामद, कई लोग लापता-रेस्क्यू जारी…

उत्तराखंड

गौरीकुंड में भारी भूस्खलन, चार शव बरामद, कई लोग लापता-रेस्क्यू जारी…

उत्तराखंड में बारिश कहर बनकर बरस रही है। जगह जगह पहाड़ धंस रहे हैं, केदारघाटी में बड़ा हादसा हुआ है। यहां गौरीकुंड में भूस्खलन से 19 लोग लापता हो गए। मलबे से चार शव बरामद हुए हैं, जबकि अब 15 लापता लोगों के लिए ढूंढने के लिए रेस्क्यू जारी है। वहीं सीएम धामी ने देहरादून स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर रुद्रप्रयाग में हुए हादसे का अपडेट लिया है। साथ ही जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार केदारनाथ घाटी में देर रात से जारी भारी बारिश आफत बनकर बरसी है। बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग गौरीकुंड डाटपुलिया के समीप भारी भू-स्खलन  हो गया। जिसकी चपेट में तीन दुकानें आ गई। इस घटना में 19 लोग लापता हो गए हैं। इन लापता लोगों में 8 लोग नेपाल मूल के होने की सूचना है। जिसमें से मलबे में दबे 4 शव बरामद किए गए हैं। वहीं सीएम धामी ने कहा कि वहां रेस्क्यू का कार्य जारी है। रेस्क्यू टीमों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

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बताया जा रहा है कि पहले ये आंकड़ा 13 लोगों का था। जो बाद में 19 पहुंच गया।  सुबह वाले 13 लोगों के ( तीन स्थानीय, सात नेपाल मूल के और तीन अन्य राज्य ) अलावा बीर बहादुर पुत्र हरि बहादुर, सुमित्रा पत्नी बीर बहादुर, निशा पुत्री बीर बहादुर निवासी ग्राम व थाना राया जिला होमला आंचल करनाली, नेपाल, धर्मराज बूढ़ा पुत्र मुन बहादुर निवासी पेरे वार्ड नंबर-2 थाना दिल्ली चौरा जिला जमुला आंचल जिला करनाली नेपाल, चंद्र कामी पुत्र लाल बहादुर एवं सुखराम रावत पुत्र जोरा निवासी चौरा वार्ड नंबर-2 थाना दिल्ली चौरा जिला जमुला आंचल करनाली नेपाल भी घटना के बाद लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना में अब तक 19 लोगों की लापता होने की सूचना है।

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वहीं घटना पर सीएम ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य दल भी घटनास्थल पर सक्रिय हैं। प्रदेश के जो अन्य ऐसे स्थान हैं, जहां कच्चे मकान, सड़क और नदियों के किनारे लोग बसे हुए हैं, ऐसी जगह को देखने के लिए जिलाधिकारियों को कहा गया है। अगर इन जगहों पर भी किसी प्रकार की दिक्कत है तो वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया जाए। बचाव और जो जरूरी काम हैं वो किए जा रहे हैं।

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