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उदासीनता: विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटने वाले जनप्रतिनिधियों जरा यहां भी सम्मान दें, घोषणा तक सीमित न रहें…

उत्तराखंड

उदासीनता: विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटने वाले जनप्रतिनिधियों जरा यहां भी सम्मान दें, घोषणा तक सीमित न रहें…

Tehri News: उत्तराखंड में राज्य सरकार जहां कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दे रही है। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा ने कारगिल शहीद के लिए की गई घोषणा को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि यह टिहरी के जनप्रतिनिधियों की नालायकी, अदूरदर्शिता और सस्ती लोकप्रियता का एक उदाहरण है की आज जिला मुख्यालय के सबसे नजदीकी गांव 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद दिनेश बहुगुणा के गांव खेमड़ा पट्टी सारजुला उनके शहीद होने के 24 वर्ष बाद भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया।

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राकेश राणा ने कहा कि 2005 में तत्कालीन टिहरी के विधायक ने शहीद के सम्मान में इस मार्ग की घोषणा की थी आज वहीं विधायक तीसरी बार टिहरी विधानसभा का नेतृत्व कर रहे हैं और आज भी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए झूठी घोषणा कर दी । जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि इससे बड़ा शहीदों का और क्या अपमान हो सकता है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, विगत 24 वर्षों से कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उनकी वीरांगनाओं और परिजनों के साथ फूल माला पहनाकर फोटो खिंचवाते हैं और खूब वाहवाही लूट लूट कर कभी दोबारा उनके परिजनों और गांव की खैर खबर तक नहीं लेते इससे बड़ी और क्या विडंबना हो सकती है।

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उन्होंने कहा वर्तमान सरकार और सरकार के जनप्रतिनिधियों की देश भक्ति मात्र दिखावे की है । सच्चाई यह है उन्हें मात्र कुर्सी हथियाने तक देशभक्ति का आडंबर रचते हैं उसके बाद उनकी देशभक्ति 5 सालों के लिए ठेकेदारी में तबदील हो जाती है । एकपत्र के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश राणा ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पूर्व में नई टिहरी स्थित शहीद स्मारक को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों के समान में सहीद स्मारक घोषित किया जाए जिससे इस जगह पर गिद्ध दृष्टि लगाए हुई भू माफियाओं से इसे बचाया जा सके।

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