Connect with us

देहरादूनः कुत्ता पालने के लिए अब आपको करने होंगे ये नए नियम फॉलो, जानें…

उत्तराखंड

देहरादूनः कुत्ता पालने के लिए अब आपको करने होंगे ये नए नियम फॉलो, जानें…

देहरादूनः कुत्ता पालना कई लोगों का शौक होता है। हर कोई इसे पालता है, लेकिन देहरादून में कुत्ता पालने के लिए अब आपको नए नियम फॉलो करने होंगे। अब आपको लाइसेंस और पड़ोसी की एनओसी के साथ ही कई अन्य नियमों का भी ध्यान रखना होगा। जी हां अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपको परेशानियों को सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन आप के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है। आपको  भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं अब आप घर बैठे ही डॉग लाइसेंस बनवा सकते है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार नगर निगम ने शहर में कुत्ता मालिकों के लिए कई नियम बनाए है। अब कुत्तों के पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए आपत्ति किए गए पड़ोसियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। वरना कुत्तों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा और निगम की ओर से स्वामी पर निर्धारित जुर्माना लगाया जाएगा। डॉग लाइसेंस बनाने पर 500 रुपये खर्च करने होंगे । हर साल नवीनीकरण कराना होगा, अगर ऐसा नहीं किया तो प्रति तीन माह के अंतराल में 100 रुपये विलंब शुल्क लगेगा।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में एलपीजी व आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता…

बताया जा रहा है कि तीन माह से अधिक की आयु के कुत्तों का अगर छह माह तक पंजीकरण नहीं कराया तो 700 रुपये का दंड देना होगा। इतना ही नहीं कुत्तों के गले में टोकन लटका होना चाहिए, अगर टोकन नहीं हुआ तो निगम कुत्तों को जब्त कर लेगा।

यह भी पढ़ें 👉  टनकपुर में बनेगा मीडिया सेंटर, गेस्ट हाउस और कम्यूनिटी हॉल; ₹14.24 करोड़ मंजूर…

ऐसे प्राप्‍त कर सकते हैं आनलाइन लाइसेंस

  • देहरादून नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर लाइसेंस फार डाग सेक्शन में क्लिक करें।
  • पंजीकरण फार्म भरकर पशु चिकित्सक से रैबीज से बचाने को लगने वाले टीके के लगे होने का प्रमाण-पत्र अपलोड करें।
  • जीवाणुनाशक का प्रमाण पत्र भी इसके साथ अपलोड करें।
  • पंजीकरण के बाद नगर निगम संबंधित व्यक्ति को उसके नाम और पते वाला एक आनलाइन नंबर देगा।
  • पंजीकरण के लिए  शुल्क आनलाइन जमा करना होगा।
यह भी पढ़ें 👉  जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण…

गौरतलब है कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में करीब 4000 पालतू कुत्ते है। इसके बाद भी नगर निगम में सिर्फ 37 के ही पंजीकरण हैं। अब नगर निगम की ओर से नियमावली बनाई गई है कि कुत्तों को खुले स्थान में शौच नहीं कराया जाएगा। इसका उल्लंघन करने में निगम के कर्मचारियों की ओर से 500 रुपये का दंड लगाया जाएगा। कुत्ते पालने के लिए घर के चारों और दीवारें बनाया जाना आवश्यक है।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top