Connect with us

परख: इस फल का पता करें कैमिकल से पका या फिर स्वयं, पढ़े…

उत्तराखंड

परख: इस फल का पता करें कैमिकल से पका या फिर स्वयं, पढ़े…

डेस्कः आप सभी जानते हैं कि केला आपकी सेहत के लिए अच्छा होता है, इसका नियमित रूप से सेवन करने से कई बिमारियां खत्म हो जाती है, लेकिन आपको खेला खरीदते समय कई चीजों का ध्यान रखना चाहिए। इससे आप पता लगा सकते है कि केला नेचुरल तरीके से पका है या उसे पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल किया गया है। आइए जानते है, शॉर्टकट तरीके से पके केले को कैसे पहचान सकते है।

यह भी पढ़ें 👉  मानवता और संवेदना की मिसाल: सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 10 लाख रुपये…

दरअसल, प्राकृतिक रूप से पके केले में हल्के भूरे और काले धब्बे होते हैं और ये खाने में मीठे होते हैं। इनकी त्वचा का रंग गहरा पीला और दागदार होता है। वहीं कार्बाइड या केमिकल आदि से पके हुए केले बेहद सादे और हल्के पीले रंग के होते हैं। साथ ही केले का सिरा काले की जगह हरा होता है। साथ ही जल्दी खराब भी हो जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  वर्दी घोटाले में सीएम धामी ने दिए DIG के निलंबन के आदेश

साधारण पके केले मीठे होते हैं और आप इन्हें कुछ दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे ही आप पके केले को केमिकल से छूते हैं, तो आप समझ जाते हैं कि ये काफी मुलायम होते हैं। इसमें भी कई जगह यह ज्यादा पका हुआ होता है और कई जगह यह पूरी तरह कच्चा रहता है। ये विभिन्न बनावट रसायन के बारे में बताते हैं। इसके साथ ही कई लोग इन्हें पानी में रखकर भी पहचानते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो केला थोड़ा सा भी डूब जाता है वह प्राकृतिक पका हुआ केला होता है, जबकि पानी में तैरने वाला फल असली नहीं माना जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी, मास्टर प्लान के निर्देश…

परख: इस फल का पता करें कैमिकल से पका या फिर स्वयं, पढ़े…

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top